Sunday, 2 September 2018

ASIAN GAMES 2018.

#एशियन_गेम्स_2018👇👇

◆इंडोनेशिया के जकार्ता और पालेमबांग में चल रहे 18वें एशियाई खेल में शनिवार का दिन आखिरी था।

◆14 दिन तक चले इस इवेंट में भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया।

◆एशियाई खेलों में भारत का यह अब तक का #सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

◆भारत के खाते में कुल 69 मेडल आए हैं, जिनमें-
#गोल्ड_15,
#सिल्वर_24 और
#ब्रॉन्ज_30 मेडल शामिल हैं...!!!

◆पदक तालिका में #भारत_69_मेडल के साथ #आठवें स्थान पर काबिज है।

◆ चीन कुल 289 मेडल के साथ शीर्ष पर मौजूद है जबकि 204 मेडल के साथ जापान दूसरे स्थान पर हैं। इसके अलावा कोरिया रिपब्लिक 176 मेडल के साथ तीसरे स्थान पर काबिज है।



एशियाई खेल 2018: वो 5 खेल, जिसमें भारत ने जीते सबसे ज्यादा मेडल



गोल मेडलिस्ट
भारतीय दल ने इंडोनेशिया के जकार्ता और पालेमबांग में हुए 18वें एशियाई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत ने एशियाई खेलों के इतिहास में अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 69 मेडल जीते। अच्छी बात यह रही कि एशियाई खेल 2018 में कुछ मेडल ऐसी स्पर्धाओं से भी मिले, जिससे खेल प्रेमी आश्चर्यचकित हो उठे। वहीं कुछ ऐसी स्पर्धाएं थी, जिसमें मेडल जीतने की पूरी थी और भारतीय एथलीट्स ने बिलकुल भी निराश नहीं किया।
चलिए गौर करते हैं उन 5 खेलों पर, जिससे भारत को सबसे ज्यादा मेडल मिले:
एथलेटिक्स (7 गोल्ड, 10 सिल्वर, 2 ब्रॉन्ज, कुल 19)
दुती चंद
भारत एथलेटिक्स में एशियाई खेलों की सर्वकालिक मेडल तालिका में तीसरे स्थान पर है और इस बार 19 मेडल जीतने से उसकी रेटिंग में कोई कमी नहीं आई है। 7 गोल्ड, 10 सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारतीय एथलीट्स ने फैंस को गौरवान्वित किया है।
तेजिंदर पाल सिंह तूर ने पुरुष शॉट पुट में गोल्ड जीतकर एथलेटिक्स में भारत के मेडल का खाता खोला था। इसके बाद नीरज चोपड़ा ने देश को एशियाई खेलों के इतिहास में पहली बार जेवलिन स्पर्धा का गोल्ड मेडल दिलाया।
मंजीत सिंह ने पुरुषों की 800 मीटर तो अरपिंदर सिंह ने ट्रिपल जंप में गोल्ड जीतकर देश का मान बढ़ाया। महिलाओं में भी प्रभावित किया और 4x400 मीटर रिले का गोल्ड जीता। स्वप्ना बर्मन ने इतिहास रचते हुए हेप्टाथलान में गोल्ड मेडल जीता। जिंसन जॉनसन ने 1500 मीटर में गोल्ड जीता।
जादूगर दुती चंद ने जोरदार वापसी करते हुए दो सिल्वर मेडल जीते। हिमा दास ने भी व्यक्तिगत व रिले रेस के मेडल्स जीते। एथलेटिक्स ने भारत को खुशियों की सौगात दी और उम्मीद जगाई है कि ओलंपिक में भी तिरंगा सबसे ऊपर होगा।
निशानेबाजी (2 गोल्ड, 4 सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज, कुल 9 मेडल)
rahi sarnobat
एथलेटिक्स के बाद निशानेबाजों ने एशियाई खेल 2018 में बेहतरीन प्रदर्शन किया। 18वें एशियाई खेलों में भारत ने दो गोल्ड, चार सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज सहित कुल 9 मेडल जीते। राही सर्नोबत और सौरभ चौधरी ने क्रमशः 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल पर निशाना साधा।
भारत के लिए खुशखबरी यह रही कि युवा निशानेबाजों ने मेडल जीते और उन्होंने देश का भविष्य दर्शाया कि कितना सुनहरा है। जहां चौधरी गोल्ड जीतने वाले सबसे युवा निशानेबाज बने तो 15 वर्षीय शार्दुल विहान और 19 वर्षीय लक्ष्य ने सिल्वर मेडल जीते।
दीपक कुमार और रवि कुमार ने 10 मीटर एयर राइफल व 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में सिल्वर मेडल जीते। अभिषेक वर्मा और हीना सिद्धू ने ब्रॉन्ज पर कब्जा किया। रवि कुमार और अपूर्वी चंदेला की जोसी ने 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
रेसलिंग (2 गोल्ड, 1 ब्रॉन्ज, कुल 3 मेडल)

bajrang punia vinesh phogat
विनेश फोगाट एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला रेसलर बनी। उन्होंने जापान की युकी इरी को फाइनल में 3-1 से मात दी थी। बजरंग पूनिया ने 65 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर अपने फैंस को खुश किया। इसके अलावा दिव्या काकरण ने 68 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
भारत के पास रेसलिंग में अधिक मेडल जीतने की उम्मीद थी, लेकिन कुछ पहलवानों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक प्रभावी नहीं रहा।
नौकायन (1 गोल्ड, 2 ब्रॉन्ज, कुल 3 मेडल)
गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय रोइंग टीम
भारत के नाविकों ने एशियाई खेलों में कमाल का प्रदर्शन करते हुए काफी प्रभावित किया। भारत ने एक गोल्ड और दो ब्रॉन्ज मेडल रोइंग की अलग-अलग स्पर्धाओं में जीते। दुष्यंत चौहान, भगवान सिंह, रोहित कुमार और दत्तु भोकनल ने अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया और आगे भी उनसे इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद है।
भारतीय नाविकों ने एशियाई खेलों में अपनी क्षमता दिखाई है और साबित किया है कि वह आगे भी देश का नाम ऐसे ही रोशन करते रहेंगे।
लॉन टेनिस (1 गोल्ड, 2 ब्रॉन्ज, कुल तीन मेडल)

रोहन बोपन्ना और दिविज शरण
टेनिस टीम से मेडल की इतनी उम्मीद नहीं थी क्योंकि लिएंडर पेस और सानिया मिर्जा जैसे दिग्गज नाम इस टीम से गायब थे। सानिया मिर्जा अपने पहले बेबी के जन्म की उम्मीद कर रही हैं जबकि पेस ने अंतिम समय में अपना नाम वापस लिया।
हालांकि, इतनी बड़ी परेशानियों के बावजूद भी रोहन बोपन्ना और दिविज शरण ने शानदार प्रदर्शन किया और भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता। इसके अलावा अंकिता रैना ने अपनी प्रतिभा दर्शाई और ब्रॉन्ज मेडल जीता। वहीं प्रजनेश गुनेश्वरण ने भी मेंस सिंगल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देशवासियों को खुश किया।

भारत ने इन खेलों में 15 स्वर्ण, 24 रजत और 30 कांस्य पदक सहित कुल 69 पदक जीते जो उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2010 में ग्वांग्झू खेलों में था जब उसने 14 स्वर्ण सहित 65 पदक जीते थे।

भारत ने प्रतियोगिताओं के आखिरी दिन भी अपना स्वर्णिम अभियान जारी रखा। पहले अमित (49 किग्रा) ने मौजूदा ओलंपिक और एशियाई चैंपियन हसनब्वाय दुसमातोव को हराकर सोने का तमगा हासिल किया जबकि इसके बाद पहली बार इन खेलों में शामिल किए गए ब्रिज के पुरूष युगल स्पर्धा में प्रणब बर्धन और शिबनाथ सरकार ने स्वर्ण पदक जीता।

सेना के 22 वर्षीय अमित एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले ओवरऑल आठवें भारतीय मुक्केबाज बने। उन्होंने फाइनल में पहुंचने वाले एकमात्र भारतीय मुक्केबाज थे। उन्होंने प्रबल दावेदार दुसमातोव को 3-2 से हराया। उन्होंने इस तरह से पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में उज्बेकिस्तान के इस मुक्केबाज से मिली हार का बदला भी चुकता कर दिया।
भारत को अप्रत्याशित स्वर्ण पदक ब्रिज खेल में मिला जिसमें पहला स्थान हासिल करके 60 वर्षीय प्रणब भारतीय दल में पदक जीतने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति भी बन गये। उन्होंने और 56 वर्षीय शिबनाथ ने फाइनल्स में 384 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया।

इस भारतीय जोड़ी ने चीन के लिक्सिन यांग और गांग चेन (378 अंक) को पीछे छोड़कर सोने का तमगा हासिल किया।
भारत की दो अन्य जोड़ियां हालांकि अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पायी। सुमित मुखर्जी और देबब्रत मजूमदार की जोड़ी 333 अंक लेकर नौवें जबकि सुभाष गुप्ता और सपन देसाई 306 अंक के साथ 12वें स्थान पर रहे।

हॉकी में सेमीफाइनल में मलेशिया से हार के बाद आलोचनाएं झेल रही भारतीय पुरूष टीम ने पाकिस्तान पर 2-1 से जीत दर्ज करके सुनिश्चित किया कि वह खेलों से बैरंग स्वदेश नहीं लौटेगी।

स्क्वाश में भारतीय महिला टीम फाइनल में हांगकांग से हार गयी और इस तरह से उसे लगातार दूसरी बार रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
सुनन्या कुरूविला और भारत की नंबर एक जोशना चिनप्पा अपने एकल मैच गंवा बैठी। भारत की यह हांगकांग के हाथों तीन दिन के अंदर दूसरी हार है।

Source:- Amar Ujala

2 comments:

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